Saturday, 13 May 2017

माँ

माँ 
माँ संवेदना हैभावना हैअहसास है माँ 
माँ जीवन के फूलों में खाुशबू का वास है माँ 
माँ रोते हुए बच्चे का खुशनुमा पलना है माँ 
माँ मरुथल में नदी या मीठा सा झरना है माँ 
माँ लोरी हैगीत हैप्यारी सी थाप है माँ 
माँ पूजा की थाली हैमंत्रों का जाप है माँ 
माँ आखों का सिसकता हुआ किनारा है माँ 
माँ गालों पर पप्पी हैममता की धारा है माँ 
माँ झुलसते दिनों में कोयल की बोली है माँ 
माँ मेहंदी हैकुमकुम हैसिंदूर की रोली है माँ 
माँ कलम हैदवात हैस्याही है माँ 
माँ परमात्मा की स्वयं एक गवाही है माँ 
माँ त्याग हैतपस्या हैसेवा है माँ 
माँ फूंक से ठंडा किया हुआ कलेवा है माँ 
माँ अनुष्ठान हैसाधना हैजीवन का हवन है माँ 
माँ जिंदगी हैमुहल्ले में आत्मा का भवन है माँ 
माँ चूड़ी वाले हााथों पे मजबूत कंधों का नाम है माँ 
माँ काशी हैकाबा हैचारो धाम है माँ 
माँ चिंता हैयाद हैहिचकी है 
माँ बच्चे की चोट पर सिसकी है 
माँ चूल्हाधुआँरोटी और हाथों का छाला है माँ 
माँ जिंदगी की कड़वाहट में अमृत का प्याला है माँ 
माँ पृथ्वी हैजगत हैधूरी है 
मां बिना इस सृष्टि की कल्पना अधूरी है 
तो माँ की यह कथा अनादि हैअध्याय नहीं है 
और माँ का जीवन में कोई पर्याय नहीं है 
तो माँ का महत्व दुनियाँ में कम हो नहीं सकता 
 माँ जैसा दुनियाँ में कुछ हो नहीं सकता 
तो मैं कला की पंक्तियाँ माँ के नाम करता हूँ 
मैं दुनियाँ की सब माताओं को प्रणाम करता हूँ।

ओम व्यास ओम

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