पहले वक्त कम था
नौकरी नई थी
जिम्मेदारियाँ ज्यादा
तुमसे मिलने आ ना सका था
प्यार तुम से बेपनाह था
मगर मैं जता ना सका था
तुम्हारा रूठना जायज था
मैं ही वक्त पर मना ना सका था
बीती बातें भूलकर क्या
प्रेम का नया अध्याय
शुरू हो सकता है
प्रिये बतलाओ ना
क्या फिर से एक बार
प्यार हो सकता है?
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